क्या आप दूगले-पतले हो? और Weight Gain Kaise Kare ये जानना चाहते हो? तो आप बिलकुल सही जगह आएं हैं। क्योँकि हम आपको यहाँ A to Z बताएँगे।
इस ब्लॉग पोस्ट को पढ़ने के बाद, आपको और कहीं सर्च करने की जरुरत नहीं पड़ेगी।
इंट्रोडक्शन! ( Important! )
आमतौर से जिनका शरीर पतला होता है, उनका सबसे बड़ा प्रॉब्लम यह होता है, कि वह जो भी खाते हैं, उसका असर शरीर में नजर नहीं आता। इसलिए कई लोग ऐसा मानते हैं, कि इस तरह के लोग चाहे जो भी कर ले, या जो भी खा ले, उनके शरीर में बदलाव नहीं आ सकता। लेकिन आखिर सच्चाई क्या है?

1940 में विलियम हर्बर्ट ने बताया: की किस तरह से हर इंसान के शरीर का बनावट जेनेटिकली अलग-अलग होने के साथ-साथ। उन पर खाने-पीने का असर भी अलग-अलग तरह से होता है। इनके हिसाब से, इंसानों में नोर्मली 3 तरह की बॉडी टाइप होती है:
- पहला: जिनका वजन बढ़ता तो जल्दी है, लेकिन उन्हें घटाना आसान नहीं होता।
- दूसरा: जिसके भजन बढ़ाना और घटाना दोनों ही औरों के मुकाबले में, ज्यादा आसान होता है।
- तीसरी बॉडी टाइप उन लोगों की है: जिनका वजन घटता तो बहुत आसानी से है, लेकिन उसे बढ़ाना आसान नहीं होता।
अगर आप हमेशा से बहुत दुबले-पतले हैं, तो आपकी बॉडी टाइप यह तीसरे नंबर वाली हो सकती है। जिसे फिटनेस की दुनिया में, एक्टमॉर्फ (Actomorph) के नाम से जाना जाता है। लेकिन अच्छी बात यह है, कि सिर्फ 3 स्टेप को फॉलो करके। इस तरह के शरीर को भी एक बेहतर शरीर में आसानी से ढाला जा सकता है।
Step 1: sharir patla hone ka karan
कहा जाता है की पतले लोगों के शरीर का मेटाबॉलिज्म बहुत फ़ास्ट होता है! इसीलिए वो जो भी खाते हैं, उसका असर उनके शरीर पर नजर नहीं आता। लेकिन आखिर यह मेटाबॉलिज्म क्या होता है?
मेटाबॉलिज्म क्या होता है?
देखिये, हमारे शरीर के अंदर हर वक्त कोशिकाएं बनती और टूटती रहती है। जैसे ब्रेन का सिग्नल भेजना, खाने का डाइजेस्ट होना, खून का फिल्टर होना और जितने भी तरह के काम हमारे शरीर के अंदर होते हैं, उन सभी कामों को मेटाबॉलिज्म के नाम से ही जाना जाता है।

इन सभी तरह के फंक्शंस को अंजाम देने के लिए, हमारे शरीर एनर्जी का इस्तेमाल करता है। जो कि हमें खाने की चीजों से मिलती है। अब यहां समझने वाली यह है कि जिस तरह एक गाड़ी का इंजन, एक लीटर पेट्रोल में 60 KM चलता है।
और इसी दूरी को तय करने के लिए, किसी गाड़ी में 2 लीटर तो किसी गाड़ी में 3 लीटर पेट्रोल भी खर्च हो जाता है। बिल्कुल ऐसा ही इंसानों में अलग-अलग तरह की बॉडी टाइप के साथ भी होता है। बस फर्क सिर्फ इतना है की पेट्रोल की खपत उस तरह की गाड़ी में ज्यादा होती है, जिसका इंजन ज्यादा हैवी होता है।
इसको समझो! Weight Gain Kaise Kare?
लेकिन इंसानों में एक्टमॉर्फ एक ऐसी बॉडी टाइप होती है, जो की दिखने में कमजोर लगने की बावजूद, इसमें एनर्जी की खपत ज्यादा होती है। और यही वजह है कि ऐसे लोगों के शरीर पर खाने-पीने का असर जल्दी दिखाई नहीं पड़ता।
अगर किसी तरह से शरीर में एनर्जी की खपत को कम किया जाए और ज्यादा एनर्जी वाले फूड शरीर के अंदर डाला जाए। तो ऐसे लोगों का भी वजन आसानी से बढ़ाया जा सकता है। अब दूसरे स्टेप में आपको उन गलतियों में सुधार करना होता है, जो वजन बढ़ाने में रुकावटें पैदा करते हैं। जिसमें सबसे पहला है:
Step 2: फिजिकल एक्टिविटीज!
Weight Gain Kaise Kare? इसको जानने से पहले, आप इसको समझिये! जिस तरह गाड़ी जितनी ज्यादा स्पीड से चलती है, उसमें पेट्रोल की खपत उतनी ही ज्यादा होती है। इसी तरह हर वह काम जिसमें बहुत ज्यादा भाग-दौड़ करना पड़ता है, ऐसे काम को करने में शरीर को ज्यादा मात्रा में एनर्जी की जरूरत होती है।
और जब बॉडी में एनर्जी की खपत ज्यादा होती है, तो वजन का बढ़ाना और भी ज्यादा मुश्किल हो जाता है। इसीलिए हाई-स्पीड में की जाने वाली कोई भी एक्सरसाइज या कोई भी ऐसा खेल जिसमें बहुत ज्यादा भाग-दौड़ करना पड़ता है।

इस तरह के एक्टिविटीज में जहां तक हो सके, आपको कम से कम ही इंवॉल्व होना चाहिए। यहाँ एक सवाल ये उठता है, की क्या वजन बढ़ाना है तो एक्सरसाइज नहीं करना चाहिए?
तो इसका जवाब है, बिल्कुल नहीं! सिर्फ आपको ऐसी एक्सरसाइज अवॉइड करना चाहिए, जिसे बहुत ज्यादा तेज स्पीड में किया जाता है। लेकिन वजन बढ़ाने के लिए एक एक्सरसाइज बहुत जरूरी और बहुत इफेक्टिव होती है।
जिसे मसल टारगेटिंग एक्सरसाइज के नाम से जाना जाता है। इस एक्सरसाइज को जिम जाकर भी कर सकते हैं। और घर में भी कुछ अलग-अलग तरह की तकनीक को इस्तेमाल करके, इस तरह की एक्सरसाइज को परफॉर्म किया जा सकता है।
बस ख्याल यह रखना है, कि ऐसी एक्सरसाइज को बहुत ही स्लोली और अच्छे फार्म के साथ किया जाता है। और इसमें मसल्स पर जोर डालना में मकसद होता है। जिससे शरीर में नई मसल्स के टिशूज बनने लगते हैं और बॉडी पहले से ज्यादा मस्कुलर नजर आने लगती है।
कई बार लोग एक बहुत ही नॉर्मल सी गलती करते हैं। जिसकी वजह से वजन का बढ़ना बहुत ज्यादा मुश्किल हो जाता है। और वह है की किसी भी वक्त के खाने को स्कीप कर देना। आम तौर से ऐसे लोग जो रात को लेट से सोते हैं, उन्हें सुबह उठने में भी लेट हो जाता है।
और जिसकी वजह से ना चाहते हुए भी, सुबह का नाश्ता मिस हो जाता है। ऐसे में ये होता है की जितनी एनर्जी हमारे शरीर को चाहिए होती है वह कभी भी नहीं मिल पाती। और हमारी ये आदत वजन को बढ़ाने में एक बहुत बड़ी रुकावट बन जाती है।
इसीलिए अगर आपको जल्दी वजन बढ़ाना है तो हर वक्त के खाने को उसके सही टाइम पर आपको जरूर खा लेना चाहिए। आपको जानकर हैरानी होगी कि कई बार पानी पीने में की जाने वाली गलतियां भी, वजन को बढ़ाने में रुकावट बन जाती है।

और ऐसा तब होता है, जब खाना खाने से पहले यह खाने के साथ-साथ ज्यादा मात्रा में पानी पिया जाए। क्योँकि ऐसा करने से आप उतना खाना नहीं खा पाते, जितना वजन बढ़ाने के लिए जरूरी होता है।
इसलिए चाहे खाना खाने से पहले हो या खाने के साथ, अगर आपको पानी पीने की जरूरत पड़ती भी है तो आपको पानी की मात्रा बहुत ही कम रखनी चाहिए। एक बार गलतियां में सुधार करने के बाद। अब बारी आती है तीसरे स्टेप की। जहां आपको कुछ यूनिक और स्पेशल तकनीक को इस्तेमाल करना होता है।
Step 3: Weight Gain Kaise Kare? Sahi Tarika!
Eating Frequency: आपका वजन बढ़ेगा या घटेगा, इस बात में ईटिंग फ्रीक्वेंसी भी एक बहुत ही एहम रोल प्ले करता है। ईटिंग फ्रीक्वेंसी का मतलब होता है कि आप 2 बार खाने के बीच में कितनी देर का गैप रखते हैं। या इसे इस तरह भी कह सकते हैं कि आप दिन भर में कितनी बार खाते हैं।
नॉर्मली आप जब भी कहते हैं, तो आपकी ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ती है। जिसे रेगुलेट करने के लिए आपका शरीर एक हार्मोन रिलीज करता है, जिसे इंसुलिन के नाम से जाना जाता है। इसी हार्मोन की मदद से जो एनर्जी खाने से आपका मिलती है, वह आपके शरीर की एक-एक कोशिकाओं तक पहुंचता है।

अब यहाँ समझने वाली बात यह है, कि नॉर्मल के मुकाबले दुबले-पतले लोगों की इन्सुलिन सेंसटिविटी ज्यादा होती है। जिसका मतलब है कि ऐसे लोगों का शरीर खाने से मिलने वाली एनर्जी को, दूसरे लोगों के मुकाबले बहुत जल्दी इस्तेमाल कर लेता है।
और फिर उसे जल्द ही और एनर्जी की जरूरत होने लगते हैं। ऐसे में जब 2 वक्त की खाने के बीच में, एक लंबा गैप होता है। तो शरीर अपने आप को ही खाने लगता है। जिससे वजन का बढ़ना और भी ज्यादा मुश्किल हो जाता है।
इसलिए दुबले-पतले लोगों को 2 से 3 घंटे के बिच-बिच में कुछ ना कुछ हेल्दी फूड खाते रहना चाहिए। आपने बहुत बार सुना होगा कि अगर वजन बढ़ाना है, तो हाई कैलोरी फूड का इस्तेमाल करना चाहिए।
कैलोरी kya hota hai?
पर आखिर यह कैलोरी होता क्या है? आसान भाषा में कहा जाए: तो जैसे किसी चीज के वजन को दर्शाने के लिए उसे ग्राम या फिर किलोग्राम में मापा जाता है। उसी तरीके से किसी खाने में कितनी एनर्जी है, उसे कैलोरी में मापा जाता है।
लेकिन हर खाने में कैलोरी एक बराबर नहीं होती। जिस तरह एक छोटी सी लोहे की बॉल में, एक बड़ी प्लास्टिक बॉल के मुकाबले ज्यादा वजन होता है। इसी तरीके से कुछ खाना थोड़ी मात्रा में होने के बावजूद, दूसरे खाने से ज्यादा कैलोरीज उसमे मौजूद होती है।
इसीलिए वजन बढ़ाने के लिए सिर्फ ज्यादा खाना काफी नहीं होता, बल्कि ज्यादा कैलोरी वाले खाने को सेलेक्ट करना भी बहुत जरूरी होता है। ज्यादा कैलोरी और कम कैलोरी वाले फूड को बहुत ही आसानी से पहचाना जा सकता है।
आम तौर से जिस खाने में पानी की मात्रा ज्यादा होती है, अक्सर ही ऐसे खाने में कैलोरीज बहुत कम पाई जाती है। इसका उल्टा जो खाने में पानी की मात्रा कम होती है, या यूं कह सकते कि जो ड्राइव फॉर्म में होता है। उसमें कैलोरीज की मात्रा ज्यादा होती है।


लेकिन कुछ चीज़ें ड्राइव फॉर्म में होने के साथ-साथ, उसमें फैट यानी तेल जैसी पदार्थ की मात्रा ज्यादा होती है। इसलिए ऐसे खाने में कैलोरीज की मात्रा और भी ज्यादा हो जाती है। जो भी हरी सब्जियां होती है, उसमें कैलोरीज की मात्रा बहुत कम होती है।
जब आप दाल-चावल साथ में खाएं, तो आपको दाल पर ज्यादा फोकस करना चाहिए। क्योँकि इसमें प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का एक बहुत अच्छा रेश्यो मौजूद होता है। नॉनवेज में आपके पास कई सारे ऑप्शन मौजूद है, जो की एक हाई क्वालिटी के ग्रुप में आते हैं।
Yahan kon kon patla hai?